Ranchi News : डुमरी के विधायक जयराम कुमार महतो ने नीट परीक्षा विवाद को लेकर अनशन कर रहे शिक्षाविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। उन्होंने वांगचुक को पत्र लिखकर कहा कि छात्रों के भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इस मुद्दे पर उनकी लड़ाई केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि देशभर के युवाओं की आवाज है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर भी जयराम महतो ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से अब तक बातचीत की कोई पहल नहीं होना चिंताजनक है।
पेपर लीक और अनियमितताओं से छात्रों का भरोसा टूटा :- जयराम महतो
अपने पत्र में जयराम महतो ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से आयोजित नीट परीक्षा में पेपर लीक, सॉल्वर गैंग और अन्य अनियमितताओं ने लाखों छात्रों का परीक्षा प्रणाली से भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में आई गड़बड़ियों के कारण 3 मई 2026 को आयोजित नीट परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
उन्होंने झारखंड के हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यहीं से सबसे पहले पेपर लीक का मामला सामने आया था। उनके अनुसार, यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और सीबीआई जांच में 45 आरोपियों तथा 144 ऐसे लाभार्थियों की पहचान की गई, जिन्हें कथित तौर पर लीक हुए उत्तर उपलब्ध कराए गए थे।
सरकार से संवाद और परीक्षा प्रणाली में सुधार की अपील
जयराम महतो ने कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं और बार-बार बदलते फैसलों का सबसे अधिक असर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ा। उन्होंने दावा किया कि दोबारा परीक्षा की चिंता और भविष्य की अनिश्चितता के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया, जबकि कई सुसाइड नोट में दोबारा परीक्षा देने का दबाव भी सामने आया।
उन्होंने कहा कि लाखों परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग पर भारी आर्थिक बोझ उठाते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों और भविष्य पर सीधा असर डालती है।
अपने पत्र के अंत में जयराम महतो ने केंद्र सरकार से इस पूरे मामले को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही सोनम वांगचुक से संवाद करेगी और ऐसी पारदर्शी एवं विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेगी, जिससे छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।