Gumla News: गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है. मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि समय पर जरूरी इलाज नहीं मिलने से बच्ची की जान चली गई. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी अस्पताल की सुविधाओं पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
परिजनों ने इलाज में देरी का लगाया आरोप
प्रेम नगर निवासी राज कुमार लोहरा का आरोप है कि उनकी पुत्री सिमानी कुमारी की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था. उनका कहना है कि अस्पताल में उस समय ऑक्सीजन की व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी. साथ ही समय पर चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ भी नहीं मिल सके. परिजनों का आरोप है कि बाद में बच्ची को रेफर करने की सलाह दी गई, लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने से इलाज में और देरी हुई.
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं पर जताई नाराजगी
घटना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई. ग्रामीणों का कहना है कि यदि अस्पताल में ऑक्सीजन, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाएं समय पर उपलब्ध होतीं तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने की मांग
स्थानीय लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित चिकित्सकों की तैनाती, पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ, चौबीसों घंटे ऑक्सीजन की उपलब्धता और हर समय एंबुलेंस सेवा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है. उनका कहना है कि बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं, इसलिए यहां स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना जरूरी है. समाचार लिखे जाने तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.