Shoaib Akhtar: पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ एक बार फिर चर्चा में हैं। इसकी वजह भारत के गृह मंत्रालय के पूर्व अवर सचिव आरवीएस मणि का हालिया बयान है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि करीब दो दशक पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कुछ खिलाड़ी भारत दौरे के दौरान मादक पदार्थ साथ लाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला तत्कालीन पाकिस्तानी उच्चायुक्त के समक्ष भी उठाया गया था। हालांकि, इन दावों पर अब तक कोई नई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
2006 चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले लगा था बड़ा झटका
अक्टूबर 2006 में भारत में आयोजित आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी से ठीक पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा था। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ आंतरिक डोप परीक्षण में प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर पाकिस्तान वापस भेज दिया गया, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट में हड़कंप मच गया था।
जांच में नंद्रोलोन मिलने की हुई थी पुष्टि
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) द्वारा कराए गए आंतरिक डोप परीक्षण के नमूनों की जांच विश्व डोप निरोधक एजेंसी (वाडा) से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में हुई थी। जांच में दोनों खिलाड़ियों के नमूनों में नंद्रोलोन नामक प्रतिबंधित पदार्थ मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद पीसीबी ने तत्काल प्रभाव से दोनों खिलाड़ियों को निलंबित कर चैम्पियंस ट्रॉफी से बाहर कर दिया।
शोएब ने दवा का हवाला दिया, लेकिन सबूत नहीं दे सके
डोपिंग मामले के सामने आने के बाद शोएब अख्तर ने जानबूझकर प्रतिबंधित पदार्थ लेने से इनकार किया। उनका कहना था कि उन्होंने एक हकीम की सलाह पर दवा और कुछ पोषक आहार लिया था तथा कभी प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवा का सेवन नहीं किया। हालांकि, जांच समिति के सामने वह अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सके। दोनों खिलाड़ियों को दोबारा परीक्षण का अवसर भी दिया गया, लेकिन उन्होंने इसका उपयोग नहीं किया।
पीसीबी ने लगाया प्रतिबंध, बॉब वूल्मर की पहल से हुई थी जांच
जांच पूरी होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तीन सदस्यीय डोपिंग न्यायाधिकरण ने 1 नवंबर 2006 को शोएब अख्तर पर दो वर्ष और मोहम्मद आसिफ पर एक वर्ष का प्रतिबंध लगाया। बताया जाता है कि पाकिस्तान टीम में आंतरिक डोप परीक्षण की शुरुआत तत्कालीन मुख्य कोच बॉब वूल्मर की पहल पर हुई थी। बाद में मार्च 2007 में बॉब वूल्मर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में व्यापक चर्चा बटोरी थी