Ranchi: रिम्स की अधिग्रहीत जमीन से जुड़े फर्जीवाड़ा मामले में शुक्रवार को एसीबी (ACB) के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान बिल्डर शुभम साबू की ओर से दायर याचिका पर अदालत ने केस डायरी की मांग की। हालांकि, अनुसंधान पदाधिकारी (IO) की ओर से केस डायरी और जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा गया। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 जुलाई की तिथि निर्धारित कर दी।
विवादित जमीन पर बनाया गया था अपार्टमेंट
जानकारी के अनुसार, लकी कंस्ट्रक्शन के बिल्डर शुभम साबू ने मोरहाबादी और कोकर मौजा स्थित विवादित जमीन पर अपार्टमेंट का निर्माण कराया था। आरोप है कि इस अवैध निर्माण में करीब 14 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था। मामला रिम्स की करीब 9.65 एकड़ अधिग्रहीत जमीन से जुड़ा हुआ है। यह जमीन वर्ष 1964-65 में रिम्स के लिए अधिग्रहित की गई थी। आरोप है कि इस जमीन को निजी संपत्ति दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज और वंशावली तैयार की गई और बाद में इस पर अपार्टमेंट, दुकान और मकान का निर्माण कर दिया गया।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद ACB ने शुरू की जांच
झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश के बाद एसीबी ने 5 जनवरी 2026 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान एसीबी ने 7 अप्रैल को चार आरोपियों राजकिशोर बड़ाइक, कार्तिक बड़ाइक, राजेश झा और चेतन कुमार को गिरफ्तार किया था। एसीबी की जांच में जमीन फर्जीवाड़े में कई लोगों की संलिप्तता सामने आने का दावा किया गया है। मामले में आधा दर्जन से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है। फिलहाल अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।