Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-07-18

Giridih News: गिरिडीह में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी, 25 लाख का इनामी नक्सली कमांडर अजय महतो गिरफ्तार, दर्ज हैं 240 से अधिक मामले

Giridih News: गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा-209 बटालियन ने संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) के शीर्ष कमांडर और 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ मोछू उर्फ टाइगर को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर हमले और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने समेत 240 से अधिक मामले दर्ज हैं।

गुप्त सूचना पर जंगल में चला ऑपरेशन
एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि 17 जुलाई को खुखरा थाना क्षेत्र के हरलाडीह ओपी के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद गिरिडीह पुलिस और कोबरा-209 बटालियन ने संयुक्त अभियान चलाया। तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर ग्राम पिपराडीह (खवासटांड़ टोला) के घने जंगल की घेराबंदी कर अजय महतो को दबोच लिया गया।



2005 से सक्रिय, कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड
पुलिस के अनुसार अजय महतो वर्ष 2005 से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय था। संगठन में वह लेवी वसूली, हथियार और विस्फोटकों की व्यवस्था करने के साथ बड़े नक्सली हमलों की साजिश और क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाता था। वह पारसनाथ, सारंडा और लुगू पहाड़ जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय तक सक्रिय रहा।

240 से ज्यादा मामले, कई जिलों में दर्ज हैं केस
अजय महतो पर पुलिस मुखबिरी के आरोप में हत्याएं, सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमले, आईईडी ब्लास्ट और सरकारी संपत्तियों को उड़ाने जैसे गंभीर आरोप हैं। गिरिडीह जिले में उसके खिलाफ 68 मामले दर्ज हैं, जबकि पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, चतरा, रामगढ़ और सरायकेला समेत विभिन्न जिलों में भी कई केस लंबित हैं। कुल मिलाकर उसके खिलाफ 240 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

नक्सल मुक्त झारखंड की ओर बड़ा कदम
एसपी डॉ. विमल कुमार ने कहा कि अजय महतो की गिरफ्तारी माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है और इससे झारखंड में नक्सल नेटवर्क कमजोर होगा। उन्होंने इसे राज्य को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए संगठन से जुड़े अन्य लोगों से आत्मसमर्पण कर राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !