Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. एहतेशाम वकारिब ने शनिवार को नगर और ग्रामीण एसपी की मौजूदगी में सभी डीएसपी, अंचल निरीक्षकों और थाना प्रभारियों के साथ मासिक अपराध समीक्षा बैठक की। इस दौरान कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए गए।
सरकारी मोबाइल बंद रखने पर होगी कार्रवाई
एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि कोई भी थाना प्रभारी, अंचल निरीक्षक या डीएसपी अपना सरकारी मोबाइल किसी भी हाल में बंद नहीं रखेंगे, ताकि आम जनता अपनी शिकायत या सूचना तुरंत दे सके। इस नंबर का प्रचार-प्रसार करने के लिए इसे थाना क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थानों पर चिपकाने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन (कैरेक्टर वेरिफिकेशन) को बिना किसी वजह के पेंडिंग न रखते हुए 7 दिनों के भीतर पूरा कर पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है।
महिलाओं से जुड़े अपराधों पर 60 दिनों में चार्जशीट
महिला सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस कप्तान ने निर्देश दिया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध, बलात्कार और पॉक्सो (POCSO) एक्ट से जुड़े मामलों का अनुसंधान 60 दिनों के भीतर पूरा कर चार्जशीट समर्पित की जाए। महिला थाना प्रभारी को खुद पिंक पेट्रोलिंग के साथ गश्ती करने और स्कूल-कॉलेजों व पार्कों के पास मनचलों व चेन छिनतई करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी गई है।
अवैध कारोबार पर नपेंगे थानेदार, गश्ती बढ़ाने के निर्देश
बैठक में दो टूक चेतावनी दी गई कि यदि किसी थाना क्षेत्र में अवैध जुआ, लॉटरी, ड्रग्स या बालू का काला कारोबार मिला, तो संबंधित थाना प्रभारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सक्रिय बदमाशों के खिलाफ सीसीए (CCA), सर्विलांस और गुंडा पंजी के तहत थाना हाजिरी कराने का आदेश दिया गया है। साथ ही पीसीआर, टैंगो और माइक वाहनों को एक जगह खड़े रहने के बजाय बैंक, एटीएम और पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील इलाकों में लगातार एंटी-क्राइम चेकिंग और गश्ती करने को कहा गया है।
ट्रैफिक पुलिस के लिए हिदायत और कम्युनिटी पुलिसिंग पर जोर
यातायात व्यवस्था को लेकर निर्देश दिया गया कि ट्रैफिक संधारण के नाम पर आम जनता को बेवजह परेशान न किया जाए। हालांकि, ब्लैक फिल्म, मॉडिफाइड साइलेंसर और ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। इसके अलावा, साइबर थाने को हर हफ्ते स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने और सभी थाना प्रभारियों को जनता से संवाद मजबूत करने के लिए प्रत्येक सप्ताह कम्युनिटी आउटरीच प्रोग्राम आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।