Jamshedpur News: झारखंड पीपुल्स पार्टी (JPP) के संस्थापक और पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने राज्य की सियासत को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। जमशेदपुर परिसदन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दावा किया कि 29 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की प्रस्तावित चार्जशीट आने से पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विकल्प ढूंढ लेना चाहिए, ताकि राज्य किसी बड़े राजनीतिक संकट से बच सके।
लालू यादव की तर्ज पर फैसले की सलाह
सूर्य सिंह बेसरा ने कहा कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद मुख्यमंत्री की संभावित गिरफ्तारी जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में झामुमो को संगठन और सरकार की स्थिरता के लिए समय रहते नया नेता चुन लेना चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने चार्जशीट के बाद पद छोड़ दिया था, उसी तरह हेमंत सोरेन को भी सूझबूझ दिखानी चाहिए ताकि शासन व्यवस्था प्रभावित न हो।
आरक्षण और मतांतरण पर समान नियम की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान बेसरा ने धर्म परिवर्तन (मतांतरण) के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने मांग की कि मतांतरण रोधी कानून सिर्फ अनुसूचित जनजाति (ST) तक सीमित न रहे, बल्कि इसे अनुसूचित जाति (SC), ओबीसी (OBC) और अन्य सभी वर्गों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मतांतरण करने वाले लोगों के आरक्षण लाभ की समीक्षा करने की भी वकालत की।
सोनम वांगचुक के समर्थन में राष्ट्रपति से गुहार
पूर्व विधायक ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधार की मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने चिंता जताते हुए राष्ट्रपति से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और केंद्र सरकार को पहल करने की अपील की। इसके साथ ही बेसरा ने झारखंड के युवाओं से भी वांगचुक के इस आंदोलन को नैतिक समर्थन देने का आह्वान किया।