All Party Meeting: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक राजनीतिक विवाद की भेंट चढ़ गई. बैठक शुरू होने से पहले ही विपक्षी दलों ने विरोध दर्ज कराते हुए सामूहिक रूप से बाहर निकलने का फैसला किया. विपक्ष का आरोप था कि जिन सांसदों की संसदीय स्थिति को लेकर मामला अभी लंबित है, उन्हें बैठक में शामिल कर सरकार संसदीय परंपराओं की अनदेखी कर रही है.
बैठक की शुरुआत में ही बढ़ा विवाद
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बुलाई गई इस बैठक में सरकार सभी दलों से मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग मांगने वाली थी. लेकिन कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने आपत्ति जताई और विरोध स्वरूप बैठक छोड़ दी. इससे बैठक का माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया.
महुआ मोइत्रा ने उठाए गंभीर सवाल
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि जिन सांसदों के विलय और अयोग्यता से जुड़े मामले अभी स्पीकर के पास लंबित हैं, उन्हें बैठक में शामिल करना पूरी तरह अनुचित है. उन्होंने दावा किया कि संबंधित सांसदों की स्थिति पर अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, फिर भी उन्हें अलग राजनीतिक पहचान देकर बुलाया गया. उनके मुताबिक, इसी के विरोध में विपक्ष ने एकजुट होकर वॉकआउट किया.
कांग्रेस और AAP ने भी सरकार को घेरा
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह विरोध संविधान और संसदीय व्यवस्था की रक्षा के लिए किया गया. उनका कहना था कि जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी पक्ष को मान्यता देना उचित नहीं है.
वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एन. डी. गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के कुछ सांसदों से जुड़े मामले भी लंबित हैं, लेकिन उन्हें भी अलग तरीके से पेश किया जा रहा है. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया.
सांकेतिक विरोध के बाद लौटे विपक्षी नेता
करीब कुछ समय तक विरोध दर्ज कराने के बाद विपक्षी दलों के नेता फिर से बैठक में शामिल हो गए. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य बैठक का बहिष्कार करना नहीं, बल्कि अपनी आपत्ति दर्ज कराना था.
20 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान दोनों सदनों की कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं. सरकार ने उम्मीद जताई है कि सभी राजनीतिक दल राष्ट्रीय और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा में भाग लेंगे और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करेंगे.