Coal Smuggling Crackdown: कोयला चोरी, अवैध खनन और तस्करी के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने बड़ा अभियान चलाते हुए तीन सप्ताह में 1,798.725 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया है. जब्त किए गए कोयले की अनुमानित कीमत करीब 1.08 करोड़ रुपये बताई गई है. कार्रवाई के दौरान तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 84 वाहनों को भी कब्जे में लिया गया, जबकि अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में 21 प्रत्यक्ष शिकायतें दर्ज की गई हैं.
अमित शाह की समीक्षा बैठक के बाद शुरू हुआ अभियान
जानकारी के अनुसार, 5 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस विशेष अभियान की शुरुआत की गई. बैठक में देशभर में कोयला चोरी और अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए "जीरो कोल लीकेज" का लक्ष्य तय किया गया था. इसके बाद CISF ने अपने सुरक्षा क्षेत्र वाले कोयला परियोजनाओं में लगातार सघन कार्रवाई शुरू की.
इन कोयला क्षेत्रों में सबसे बड़ी कार्रवाई
तीन सप्ताह तक चले अभियान में अलग-अलग कोयला कंपनियों के क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में अवैध कोयला बरामद किया गया.
BCCL, धनबाद से 1,063.91 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया गया.
ECL शीतलपुर क्षेत्र से 450.13 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद हुआ.
CCL रांची और CMP(H) क्षेत्रों से संयुक्त रूप से 284.715 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया गया.
MMDR Act के तहत मिली शक्तियों का दिखा असर
CISF अधिकारियों को खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) की धारा 22, 23B और 24 के तहत विशेष अधिकार दिए गए हैं. इन अधिकारों के तहत अधिकृत अधिकारी अब अवैध खनन और तस्करी के मामलों में सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं, संदिग्ध परिसरों में तलाशी ले सकते हैं और बिना अतिरिक्त प्रक्रिया के कार्रवाई शुरू कर सकते हैं. अधिकारियों का मानना है कि इन्हीं कानूनी अधिकारों की वजह से अभियान अधिक प्रभावी साबित हुआ.
तस्करों ने अपनाए नए तरीके, मॉडिफाइड बाइक भी जब्त
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि तस्कर केवल ट्रकों का ही नहीं, बल्कि विशेष रूप से मॉडिफाइड मोटरसाइकिलों का भी इस्तेमाल कर रहे थे. इन बाइकों के जरिए छोटी-छोटी खेप में कोयला ऐसे रास्तों से ले जाया जाता था, जहां निगरानी करना मुश्किल होता है. कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए सभी 84 वाहनों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है.
अवैध खनन पर आगे भी जारी रहेगा अभियान
CISF ने संकेत दिया है कि अवैध कोयला खनन, चोरी और तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. सुरक्षा एजेंसियां कोयला क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ संगठित नेटवर्क पर भी नजर रख रही हैं.