Jharkhand Government: झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों ने वर्ष 2026 की शुरुआत से 19 जुलाई तक कर्मचारियों से जुड़े 68,679 सेवा-संबंधी आदेश जारी किए हैं. इनमें अवकाश स्वीकृति, वार्षिक वेतन वृद्धि, तबादला, विभागीय कार्रवाई, सेवा संपुष्टि, निलंबन और अन्य प्रशासनिक आदेश शामिल हैं. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार इस अवधि में सबसे अधिक अवकाश गृह विभाग के कर्मियों ने लिया है, जबकि जुलाई में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि भी लागू की गई है.
गृह विभाग के कर्मियों ने सबसे ज्यादा ली छुट्टियां
सेवा आदेशों के विश्लेषण से पता चलता है कि अवकाश लेने के मामले में गृह विभाग सबसे आगे रहा. कांस्टेबल, हवलदार, एएसआई और इंस्पेक्टर स्तर के पुलिसकर्मियों के उपार्जित अवकाश (Earned Leave) से जुड़े सबसे अधिक आदेश जारी हुए. केवल 17 और 18 जुलाई के बीच ही दर्जनों पुलिसकर्मियों की छुट्टियां स्वीकृत की गईं.
जुलाई में वेतन वृद्धि के आदेशों की भरमार
सरकारी विभागों में जुलाई को वार्षिक वेतन वृद्धि का महीना माना जाता है. पिछले दो सप्ताह के दौरान हजारों कर्मचारियों की इंक्रीमेंट से जुड़े आदेश जारी किए गए, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी किए गए हैं.
इन विभागों में सबसे ज्यादा जारी हुए आदेश
वन एवं पर्यावरण विभाग:
जामताड़ा, दुमका, देवघर और लातेहार वन प्रमंडलों में कार्यरत लिपिकों, वनरक्षियों और आदेशपालों की वार्षिक वेतन वृद्धि के आदेश जारी किए गए.
श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग:
रांची और दुमका स्थित कार्यालयों के कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ देने संबंधी आदेश जारी हुए.
जल संसाधन विभाग:
साहिबगंज, देवघर और हजारीबाग में पदस्थापित कर्मियों के इंक्रीमेंट से जुड़े आदेश जारी किए गए.
अन्य विभाग:
खान एवं भू-तत्व विभाग (पलामू) और ग्रामीण कार्य विभाग (दुमका) में भी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि संबंधी आदेश जारी कर उनका क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है.
जिला स्तर पर भी जारी हुए कई आदेश
सेवा संबंधी आदेश केवल राज्य मुख्यालय तक सीमित नहीं रहे. सिमडेगा के कोलेबिरा, पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा और हजारीबाग सहित कई जिलों से भी कर्मचारियों के लिए अलग-अलग प्रशासनिक आदेश जारी किए गए.
ट्रांसफर से लेकर निलंबन तक के आदेश
मुख्यालय स्तर पर विभिन्न विभागों ने ट्रांसफर-पोस्टिंग, विभागीय कार्रवाई, सेवा संपुष्टि, शुद्धिपत्र और योजनाओं से जुड़े कई प्रशासनिक आदेश भी जारी किए हैं. इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाई है.