BJP Jharkhand: जामताड़ा में सोमवार सुबह हुई पुलिस कार्रवाई ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है. भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण के आवास पर पुलिस टीम के पहुंचने के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार को सीधे निशाने पर ले लिया. भाजपा का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई, जबकि प्रशासन का कहना है कि पुलिस दर्ज मामले के आधार पर अपनी कानूनी जिम्मेदारी निभा रही है.
तड़के पुलिस पहुंची, भाजपा ने उठाए सवाल
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि सुबह करीब पांच बजे डीएसपी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी सुमित शरण के घर पहुंचे. उनके मुताबिक, कार्रवाई का तरीका सामान्य पुलिस प्रक्रिया जैसा नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे परिसर को इस तरह घेरा गया, जैसे किसी बड़े आपराधिक अभियान को अंजाम दिया जा रहा हो. साथ ही परिवार की महिलाओं के साथ अनुचित व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया.
अस्पताल विवाद के बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव
भाजपा का कहना है कि जामताड़ा सदर अस्पताल में प्रसूता रीना देवी की मौत के बाद पार्टी लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है. इसी उद्देश्य से भाजपा ने अपनी जांच समिति भी बनाई थी. प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि अब उसी मामले को आधार बनाकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है.
CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग
भाजपा ने अस्पताल में हुई कथित तोड़फोड़ के मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा है कि यदि आरोप सही हैं तो अस्पताल की CCTV फुटेज सार्वजनिक की जानी चाहिए. पार्टी का कहना है कि इससे साफ हो जाएगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और कौन जिम्मेदार था.
स्वास्थ्य मंत्री पर लगाए राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप
प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के प्रभाव में की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल कर रही है. भाजपा ने स्पष्ट किया कि यदि जरूरत पड़ी तो मामले को अदालत तक ले जाया जाएगा.
डीजीपी से संपर्क नहीं होने का दावा
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने के लिए डीजीपी तदाशा मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी. भाजपा ने इसे भी गंभीर प्रशासनिक सवाल बताया.
क्या है पूरा मामला?
कुछ दिन पहले जामताड़ा सदर अस्पताल में प्रसूता रीना देवी की इलाज के दौरान मौत के बाद लोगों का आक्रोश फूट पड़ा था. बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान भाजपा नेता भी आंदोलन में शामिल हुए थे. बाद में अस्पताल में तोड़फोड़, सरकारी कार्य में बाधा और अन्य आरोपों में भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई.
प्रशासन का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. वहीं भाजपा इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बता रही है. ऐसे में मामला अब कानूनी के साथ-साथ राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है.