Ranchi News : स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 की नियुक्ति से जुड़े मीना कुमारी मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने फिलहाल अवमानना याचिका की सुनवाई पर रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी लंबित एलपीए (LPA) को एक साथ जोड़कर सुनवाई करने का निर्देश दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी।
एकल पीठ के आदेश और नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे सवाल
चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य सरकार, जेएसएससी और अन्य पक्षों की दलीलें सुनीं। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि 17,786 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 12,046 पदों पर नियुक्ति की गई है। हाई कोर्ट की एकल पीठ ने सभी योग्य और शर्तें पूरी करने वाले 2,034 अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का आदेश दिया था।
वहीं राज्य सरकार और जेएसएससी ने अदालत को बताया कि नियुक्ति प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप पूरी की गई है। उनका कहना था कि एकल पीठ का आदेश सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप नहीं है।
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सभी लंबित अपीलों की होगी संयुक्त सुनवाई
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सरकार और जेएसएससी को निर्देश दिया कि इस मामले से जुड़ी सभी लंबित अपीलों की सूची प्रस्तुत की जाए, ताकि सभी मामलों की एक साथ सुनवाई की जा सके।
फैक्ट फाइंडिंग कमिशन पर भी सरकार की आपत्ति
सरकार ने अपने संशोधन आवेदन में कहा कि अपील लंबित रहने के दौरान एकल पीठ ने अपने आदेश में संशोधन करते हुए जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को फैक्ट फाइंडिंग कमिशन का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। सरकार का तर्क है कि जब अपील पर सुनवाई चल रही है, तब समानांतर रूप से फैक्ट फाइंडिंग कमिशन की कार्रवाई उचित नहीं है। इसी आधार पर सरकार ने एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है।