Jamshedpur: नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को जमशेदपुर के साकची में विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों की मांगों को पूरा करने की मांग उठाई।
कांग्रेस ने छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सरदार परविंदर सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में नीट परीक्षा को लेकर सामने आए विवादों ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। उनके अनुसार, कथित पेपर लीक की घटनाओं के कारण कई छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के हितों से जुड़ा है। साथ ही उन्होंने कहा कि देशभर में छात्र निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।
सरकार के सामने रखीं कई मांगें
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराने की मांग की। साथ ही नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग उठाई गई। इसके अलावा, आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने तथा प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को उचित सहायता एवं मुआवजा देने की मांग भी की गई।
केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
सरदार परविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय सरकार विरोध-प्रदर्शनों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरती जा रही है। उनका कहना था कि देश संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुसार चलेगा तथा छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस आगे भी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों को बढ़ावा देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि यदि किसी भी स्तर पर परीक्षा में अनियमितता या पेपर लीक में किसी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।