NEET Paper Leak : NEET पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर संसद से लेकर दिल्ली हाई कोर्ट तक हलचल तेज हो गई है. संसद के मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर विपक्ष और सरकार आमने-सामने दिखे, जबकि संसद मार्च के दौरान कथित लाठीचार्ज को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. अदालत ने चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
हाई कोर्ट ने मांगा जवाब, सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई
दिल्ली हाई कोर्ट ने छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया. अदालत ने दोनों पक्षों से चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है.
उधर, प्रस्तावित छात्र प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने 16 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला किया है. हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी.
संसद में विपक्ष का हंगामा, सरकार ने चर्चा की जताई तैयारी
मानसून सत्र के तीसरे दिन भी NEET पेपर लीक का मुद्दा लोकसभा और राज्यसभा में छाया रहा. विपक्षी दलों ने परीक्षा प्रणाली, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और सरकार की भूमिका को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया. लगातार हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी.
लोकसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई. वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है और युवाओं के भविष्य से जुड़े विषय पर सार्थक बहस के लिए पूरी तरह तैयार है.
विपक्ष का विरोध जारी, छात्रों के मुद्दे पर सियासत तेज
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बैठक की और इस मुद्दे पर संयुक्त रणनीति बनाई. इसके बाद कई विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया.
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है. वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर सभी दलों को सदन में अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए.