Ramghar News: रामगढ़ के भुरकुंडा संगम स्थित सीसीएल की बरका सयाल क्षेत्र अंतर्गत संगम खदान में संचालित बीएलए आर ए माइनिंग आउटसोर्सिंग कंपनी के खिलाफ रैयत विस्थापित मोर्चा ने विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आंदोलन के चलते खदान में आउटसोर्सिंग कंपनी का खनन कार्य पूरी तरह ठप हो गया।
पारंपरिक हथियारों और ढोल-नगाड़ों के साथ विस्थापितों का प्रदर्शन
रैयत विस्थापित मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में विस्थापित ग्रामीण पारंपरिक हथियार, ढोल-नगाड़ों और बैनर के साथ खदान परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चक्का जाम किया और कहा कि उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि सीसीएल प्रबंधन और बीएलए आर ए माइनिंग आउटसोर्सिंग कंपनी पिछले दो-तीन महीनों से रोजगार, मुआवजा और अन्य स्थानीय मांगों पर केवल आश्वासन दे रही है। कई दौर की वार्ता और धरना-प्रदर्शन के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला, जिससे विस्थापितों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
मांगें पूरी होने तक काम बंद रखने की चेतावनी
विस्थापितों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आउटसोर्सिंग कंपनी का काम बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में रंजित बेसरा, किसुन नायक, शंकर मांझी, शन्नी बेसरा, बिरेंद्र मांझी, बिहारी मांझी सहित सैकड़ों रैयत और विस्थापित ग्रामीण शामिल रहे। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।