NEET Paper Leak Meeting: NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच जारी गतिरोध के बाद अब बातचीत का रास्ता साफ हो गया है. दोनों पक्षों के बीच शुक्रवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में अहम बैठक होगी. यह वार्ता ऐसे समय हो रही है, जब पिछले कई दिनों से CJP जंतर-मंतर पर परीक्षा अनियमितताओं और जवाबदेही की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है.
पहले नहीं बनी थी सहमति, अब तटस्थ स्थान पर होगी बातचीत
शुरुआत में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP को अपने कार्यालय में बातचीत के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन पार्टी ने सरकारी कार्यालय में वार्ता से इनकार कर दिया था. इसके बाद जंतर-मंतर पर बातचीत की संभावना भी बनी, हालांकि उस पर सहमति नहीं बन सकी. अब सरकार ने CJP की मांग स्वीकार करते हुए तटस्थ स्थान पर बातचीत के लिए हामी भर दी है. बैठक शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में प्रस्तावित है.
CJP ने सरकार के फैसले का किया स्वागत
CJP के सदस्य सौरभ दास ने कहा कि सरकार ने तटस्थ स्थान पर बातचीत की मांग स्वीकार कर सकारात्मक पहल की है. उनके मुताबिक, पार्टी का प्रतिनिधिमंडल बैठक में शामिल होगा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े मुद्दों को विस्तार से उठाएगा.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम CJP
कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि NEET पेपर लीक विवाद की नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की है. पार्टी उनकी इस्तीफे की मांग पर कायम है. इसके अलावा CJP परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पारदर्शिता और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की मांग भी कर रही है.
बैठक के नतीजे पर टिकी आंदोलन की दिशा
आज की बैठक को आंदोलन के लिए निर्णायक माना जा रहा है. यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है. वहीं, यदि वार्ता बेनतीजा रहती है तो CJP ने आंदोलन को आगे भी जारी रखने के संकेत दिए हैं.
कैबिनेट में भी उठ सकता है पेपर लीक का मुद्दा
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि पेपर लीक के खिलाफ और अधिक सख्त कानूनी प्रावधानों पर सरकार काम कर रही है. उन्होंने संकेत दिया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होगी और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़े कानून लाने की दिशा में फैसला लिया जा सकता है.
हालांकि, CJP का कहना है कि केवल नया कानून पर्याप्त नहीं होगा. पार्टी का मानना है कि जवाबदेही तय किए बिना परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल नहीं किया जा सकता. इसी मुद्दे को लेकर वह आज सरकार के सामने अपनी मांगें रखेगी.