IAS Cadre Strength: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के कैडर स्ट्रेंथ से जुड़े ताजा आंकड़े जारी कर दिए गए हैं. इन आंकड़ों में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्वीकृत IAS पदों के साथ सीधी भर्ती और पदोन्नति कोटे का ब्योरा शामिल है. नई सूची के मुताबिक, झारखंड IAS कैडर स्ट्रेंथ के मामले में देश में 18वें स्थान पर है.
दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 2000 में झारखंड के साथ ही बने छत्तीसगढ़ में IAS अधिकारियों की स्वीकृत संख्या झारखंड से अधिक है. वहीं, क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से छोटे कई राज्यों का प्रशासनिक कैडर भी झारखंड से बड़ा है.
झारखंड में कितने IAS पद स्वीकृत हैं?
आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में IAS अधिकारियों के कुल 175 स्वीकृत पद हैं. इनमें 141 पद सीधी भर्ती के लिए और 34 पद पदोन्नति कोटे के लिए निर्धारित हैं. इसी अवधि में बने छत्तीसगढ़ में 176 IAS पद स्वीकृत हैं, जबकि हरियाणा में यह संख्या 188 है. इससे साफ है कि प्रशासनिक कैडर के मामले में झारखंड कई राज्यों से पीछे है.
इन राज्यों में झारखंड से अधिक IAS कैडर
नई सूची के अनुसार उत्तर प्रदेश सबसे बड़े IAS कैडर वाला राज्य है. इसके बाद AGMUT, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु का स्थान है. बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा, पंजाब, आंध्र प्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का कैडर भी झारखंड से बड़ा है.
राज्यों की IAS कैडर स्ट्रेंथ
जारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा IAS कैडर वाला राज्य है, जहां कुल 589 स्वीकृत पद हैं. इसके बाद AGMUT में 444, मध्य प्रदेश में 399, महाराष्ट्र में 358, तमिलनाडु में 340, बिहार में 316 और पश्चिम बंगाल में 311 IAS पद स्वीकृत हैं. वहीं राजस्थान में 284, गुजरात में 267, कर्नाटक में 266, असम-मेघालय में 213, ओडिशा में 207, पंजाब में 200 और आंध्र प्रदेश में 197 पद हैं. हरियाणा में IAS कैडर स्ट्रेंथ 188, छत्तीसगढ़ में 176 और झारखंड में 175 है. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में 127, उत्तराखंड में 110, मणिपुर में 81, नागालैंड में 52 और सिक्किम में 38 IAS अधिकारियों के स्वीकृत पद हैं.
झारखंड की प्रशासनिक जरूरतों और विकास परियोजनाओं को देखते हुए यह आंकड़ा एक बार फिर राज्य के प्रशासनिक संसाधनों पर चर्चा का विषय बन गया है.