Jamshedpur News : टाटा पावर मजदूर यूनियन ने शुक्रवार को साकची स्थित सीपीआई कार्यालय में प्रेस वार्ता कर कंपनी प्रबंधन पर ठेका मजदूरों के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। यूनियन का कहना है कि कंपनी में पिछले 20 से 25 वर्षों से स्थायी प्रकृति के कार्य ठेका मजदूरों से कराए जा रहे हैं, जबकि श्रम कानूनों के अनुसार ऐसे पदों पर स्थायी नियुक्ति होनी चाहिए।
श्रम विभाग से की कार्रवाई की मांग
यूनियन के उपाध्यक्ष एवं एआईटीयूसी के राज्य सचिव अंबुज कुमार ठाकुर ने बताया कि इस संबंध में उप श्रमायुक्त (DLC), जमशेदपुर को पहले ही मांगपत्र सौंपा जा चुका है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा टाटा पावर प्रबंधन से इस मामले में मंतव्य भी मांगा गया है।
बॉन्ड भरवाकर अधिकारों से वंचित करने का आरोप
यूनियन का आरोप है कि श्रम विभाग की कार्रवाई से घबराकर कंपनी प्रबंधन ठेका एजेंसियों के माध्यम से मजदूरों से बॉन्ड भरवा रहा है, ताकि लंबे समय से कार्यरत ठेका मजदूरों को मिलने वाले अधिकारों और सुविधाओं से वंचित रखा जा सके। नेताओं ने कहा कि मजदूरों पर इस तरह का दबाव बनाना श्रम कानूनों की भावना के खिलाफ है।
यूनियन ने पूरे मामले की लिखित शिकायत उप श्रमायुक्त को सौंपते हुए तत्काल जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और ठेका मजदूरों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।