JSSC Exam 2026: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद लगातार सामने आते रहे हैं। अब झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा 19 जुलाई को आयोजित क्षेत्रीय कार्यकर्ता नियुक्ति परीक्षा भी अभ्यर्थियों के आरोपों के कारण चर्चा में है। उम्मीदवारों ने परीक्षा प्रक्रिया में अव्यवस्था, परीक्षा केंद्र आवंटन में गड़बड़ी और प्रश्नपत्र में त्रुटियों का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच तथा परीक्षा दोबारा कराने की मांग की है। आयोग के आंकड़ों के अनुसार परीक्षा के लिए 3.22 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से केवल 86,444 अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए, जो कुल पंजीकृत उम्मीदवारों का लगभग 26.77 प्रतिशत है। कम उपस्थिति को लेकर भी अभ्यर्थियों ने आयोग की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
देर से सूचना और दूर परीक्षा केंद्र बनने से बढ़ी परेशानी
कई उम्मीदवारों का आरोप है कि परीक्षा केंद्र की जानकारी समय पर नहीं मिली। कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा वाले दिन ही ई-मेल के माध्यम से केंद्र की सूचना प्राप्त हुई, जिससे वे परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। पलामू निवासी मुकेश प्रजापति ने बताया कि उनका परीक्षा केंद्र घर से करीब 600 किलोमीटर दूर गोड्डा में निर्धारित किया गया था। लगातार बारिश और परिवहन की समस्या के कारण इतनी लंबी दूरी तय करना संभव नहीं हो पाया। वहीं, पश्चिमी सिंहभूम के राजेश लोहार, जो जमशेदपुर में मजदूरी करते हैं, का कहना है कि उन्हें 19 जुलाई को दोपहर 2:59 बजे ई-मेल मिला, जिसमें परीक्षा केंद्र लातेहार बताया गया। जबकि परीक्षा केंद्र में प्रवेश का निर्धारित समय दोपहर 3:00 बजे तक था। ऐसे में परीक्षा में शामिल होना संभव नहीं था।
संताली भाषा प्रश्नपत्र पर भी उठे सवाल
परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने संताली भाषा के पेपर-2 को लेकर भी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि 100 में से करीब 40 प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर थे। अभ्यर्थियों का यह भी दावा है कि कम से कम चार प्रश्न तकनीकी रूप से गलत थे। इसके अलावा संताली साहित्य, संस्कृति और लोकगाथाओं से जुड़े कुछ प्रश्नों में तथ्यात्मक त्रुटियां होने का भी आरोप लगाया गया है। उम्मीदवारों का कहना है कि प्रश्नपत्र का स्तर अपेक्षा से अधिक कठिन था और कई प्रश्न भ्रम पैदा करने वाले थे। अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द कर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित करने की मांग की है।
JSSC ने आरोपों से किया इनकार
दूसरी ओर, JSSC के सचिव सुधीर गुप्ता ने अभ्यर्थियों के आरोपों को खारिज किया है। उनके अनुसार आयोग ने 11 से 14 जुलाई के बीच सभी उम्मीदवारों के लिए सिटी इंटिमेशन स्लिप जारी कर दी थी। वहीं, 16 जुलाई से एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का लिंक भी सक्रिय कर दिया गया था। आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार संचालित की गई और किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। हालांकि, परीक्षा केंद्र आवंटन, समय पर सूचना नहीं मिलने और प्रश्नपत्र को लेकर उठे विवाद के बाद अभ्यर्थी अपनी मांगों पर कायम हैं। उनका कहना है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि योग्य उम्मीदवारों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।