BREAKING: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। शुक्रवार शाम शिक्षा मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद एजेंसी के 47 अधिकारियों को सेवा से हटा दिया गया। इसके साथ ही कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है।
एक महीने के भीतर बदलेगा NTA का ढांचा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगले एक महीने के भीतर NTA की कार्यप्रणाली और संगठनात्मक ढांचे में व्यापक सुधार किया जाएगा। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को कम किया जा सके।
छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार की कार्रवाई
पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों का विरोध लगातार जारी है। इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भी प्रदर्शन किया जा रहा हैं। दूसरी ओर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार की ओर से सुधार, मुआवजे और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा का आश्वासन मिलने के बाद 26 दिन से जारी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर कार्रवाई का संकेत देते हुए कड़ी कार्रवाई का भरोसा जताया था।
लोक परीक्षा अधिनियम के तहत सख्त सजा का प्रावधान
सरकार ने परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू किया है। इस कानून के तहत पेपर लीक या परीक्षा में धांधली के दोषियों को अधिकतम पांच वर्ष तक की कैद और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। यदि किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता सामने आती है तो दस वर्ष तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं किसी एजेंसी की भूमिका साबित होने पर उस पर भी एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने के साथ जांच और कार्रवाई का प्रावधान है।
देश की प्रमुख परीक्षाओं का आयोजन करती है NTA
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी देशभर में हर वर्ष लगभग 15 से 20 राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करती है। इनमें NEET, JEE, CUET सहित कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं शामिल हैं, जिनके माध्यम से लाखों छात्र उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्राप्त करते हैं।