Jharkhand Congress: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव बिनय सिन्हा दीपू ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देशभर के छात्रों के लंबे संघर्ष का परिणाम बताया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी ने शुरू से ही छात्रों की मांगों का समर्थन किया और लगातार उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया. उनके अनुसार, यह कदम महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन इससे पूरी समस्या का समाधान नहीं होगा.
NTA में सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग
बिनय सिन्हा दीपू ने कहा कि नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं ने परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. ऐसे में केवल मंत्री बदलने से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रभावित छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और पूरे सिस्टम में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए.
उन्होंने मांग की कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का व्यापक पुनर्गठन किया जाए और परीक्षा संचालन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए. कांग्रेस का कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता है.
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से ऐसी पारदर्शी और मजबूत परीक्षा प्रणाली विकसित करने की मांग की है, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगे और किसी भी छात्र के भविष्य के साथ दोबारा खिलवाड़ न हो.