Gujarat Assam Flood: जुलाई लगभग खत्म होने को आया, बारिश का मौसम चल रहा है, लेकिन कई जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण तबाही मचा हुआ है. वहीं अगर हम बात गुजरात और असम की करें तो लगातार बारिश के कारण वहां के कई इलाकों में बारिश से बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है. इन जगहों में जलभराव और जलजमाव के कारण पूरा जनजीवन तहस- नहस हो रखा है. बीते दो दिनों की बात करें तो यहां लगातार बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक 35 लोगों की मौत की सूचना मिली है, वहीं असम में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से परेशान है और काफी बुरे तरीके से प्रभावित हो रहे है.
गुजरात में मूसलाधार बारिश से बढ़ा संकट
गुजरात में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. पाटन जिले के संतालपुर तालुका में शनिवार सुबह छह बजे तक बीते 24 घंटे में 381 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. वहीं राधनपुर तालुका में 342 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई.
लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 173 तालुकाओं में 250 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है. प्रशासन ने कई इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम तेज कर दिया है.
असम में लाखों लोग बाढ़ की चपेट में
असम में बाढ़ का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. राज्य के नौ जिले इस समय बाढ़ से प्रभावित हैं और 7.05 लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं. नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है, जिससे राहत कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है.
प्रशासन के अनुसार, बाढ़ से अब तक 61 लोगों की जान जा चुकी है. प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने का अभियान लगातार जारी है.
प्रधानमंत्री ने हालात की समीक्षा की
असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि प्रधानमंत्री ने प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, केंद्र सरकार ने राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में राज्य सरकार को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है. वहीं दोनों राज्यों में प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से मौसम विभाग व स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है.