दोनों तरफ हमलों में गई 15 लोगों की जान
रूस के नियंत्रण वाले जापोरिज्जिया क्षेत्र में एक अवकाश शिविर पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए गए हैं. रूस समर्थित अधिकारियों ने इस हमले के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है. दूसरी ओर यूक्रेन के सूमी क्षेत्र में रूसी ड्रोन हमले में तीन नागरिकों की जान चली गई. स्थानीय प्रशासन के मुताबिक सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रहे हमलों से आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं.
तेल ढांचे पर हमले से बढ़ी वैश्विक चिंता
युद्ध के बीच कजाखस्तान की कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम से जुड़े तेल ढांचे पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है. रूस ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन ऊर्जा ढांचों को निशाना बना रहा है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. रूसी अधिकारियों का कहना है कि पहले से मौजूद भू-राजनीतिक तनाव के बीच इस तरह के हमले ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है असर
जानकारों के अनुसार, कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम के जरिए दुनिया के कुल तेल निर्यात का करीब दो प्रतिशत हिस्सा भेजा जाता है. ड्रोन हमले के बाद इस पाइपलाइन से तेल की आपूर्ति कम कर दी गई है और काला सागर स्थित तेल निर्यात टर्मिनल का संचालन भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऊर्जा ढांचों पर हमले जारी रहे तो कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, ईंधन लागत और महंगाई पर इसका असर देखने को मिल सकता है. फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और घटनाक्रम पर दुनिया की नजर टिकी है.