Rajnath Singh: 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक में आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को लेकर भारत का स्पष्ट रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि भविष्य में पाकिस्तान के साथ यदि किसी भी स्तर पर बातचीत होगी तो उसका विषय केवल पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) होगा। उन्होंने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा तथा हर चुनौती का उसी दृढ़ता से जवाब देगा, जैसा आतंकवाद के खिलाफ चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान दिया गया।
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस, “ऑपरेशन सिंदूर” का किया जिक्र
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अब आतंकवादियों और उन्हें संरक्षण देने वाले तंत्र को अलग-अलग नहीं देखता। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने साबित कर दिया है कि भारत आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की क्षमता और इच्छाशक्ति दोनों रखता है। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां भारत विकास, शांति और प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, वहीं पाकिस्तान अब भी आतंकवाद की नीति पर चल रहा है। साथ ही उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में तेजी से बढ़ने की बात भी कही।
सेना प्रमुख ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, वीरता को बताया प्रेरणा
समारोह में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वीर जवानों का सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि देश उनके योगदान को कभी नहीं भूलेगा। जनरल सेठ ने कहा कि कारगिल युद्ध स्मारक का दौरा उनके लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है तथा भारतीय सैनिक साहस, अनुशासन और पेशेवर क्षमता के मामले में दुनिया की किसी भी सेना से कम नहीं हैं।
“तिरंगे की शान हमेशा रहेगी ऊंची”, सेना प्रमुख का भरोसा
जनरल धीरज सेठ ने कहा कि भारतीय सेना देश की संप्रभुता, सुरक्षा और प्रगति की रक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने अपनी यूनिट के एक सैनिक द्वारा लिखी गई कविता का उल्लेख करते हुए कहा कि वह कर्तव्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति की भावना को दर्शाती है। सेना प्रमुख ने विश्वास जताया कि सशस्त्र बल भविष्य में भी देश की गरिमा और सम्मान की रक्षा करते रहेंगे तथा हर परिस्थिति में राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ देशवासियों के साथ खड़े रहेंगे।