Ranchi News : झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) को बड़ी राहत देते हुए सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर पद पर प्रमोशन से जुड़े एकल पीठ के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। खंडपीठ ने निगम की अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
एकल पीठ के प्रमोशन आदेश पर लगी रोक
मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान एकल पीठ के 16 दिसंबर 2025 के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। एकल पीठ ने शुक्रु खड़िया और गोपाल माझी को एक्जीक्यूटिव इंजीनियर से सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर पद पर पदोन्नति देने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही 1976 के झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिकल इंजीनियर जनरल कैडर रूल में संशोधन करने का भी निर्देश दिया गया था।
योग्यता नियम को लेकर उठा विवाद
मामले में दोनों अधिकारी डिप्लोमा धारक हैं, जबकि वर्तमान नियमों के अनुसार सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर पद पर पदोन्नति के लिए बीटेक (B.Tech) डिग्री आवश्यक है। इसी आधार पर झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम ने दोनों अधिकारियों को पदोन्नति देने से इनकार किया था।
निगम की ओर से अधिवक्ता सचिन कुमार ने अदालत में पक्ष रखा। खंडपीठ के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल एकल पीठ के निर्देशों के अमल पर रोक रहेगी।