हजारीबाग में कार्रवाई के दौरान कॉपर केबल काटते हुए चार आरोपी दबोचे गए
पूरे मामले का खुलासा 27 जुलाई की रात हुआ, जब हजारीबाग टाउन के इंटरमीडिएट ब्लॉक हट इलाके में संदिग्ध गतिविधि की सूचना सुरक्षा एजेंसियों को मिली. सूचना मिलते ही धनबाद सीआईबी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दी. कार्रवाई के दौरान चार लोगों को रेलवे का कॉपर केबल काटते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया. उनके पास से चोरी में इस्तेमाल किए जा रहे औजार और कटा हुआ कॉपर केबल भी बरामद किया गया.
पूछताछ में खुला चोरी का पूरा नेटवर्क, गया के कबाड़ी तक पहुंची जांच
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि चोरी के बाद कॉपर केबल को गया जिले के वजीरगंज स्थित कबाड़ी कारोबारी अजय कुमार कसेरा के यहां बेचा जाता था. इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसके गोदाम में छापेमारी की, जहां से बड़ी मात्रा में जली हुई कॉपर पट्टियां बरामद हुईं. इसके बाद जांच की कड़ियां और आगे बढ़ती चली गईं.
दूसरे गोदाम से 12 किलो केबल बरामद, पटना के खरीदार का भी मिला सुराग
अजय कुमार कसेरा की निशानदेही पर पुलिस ने उसके सहयोगी राजू कुमार के गोदाम में भी छापा मारा. वहां से 12 किलो कॉपर केबल बरामद किया गया. पूछताछ में राजू कुमार ने बताया कि चोरी के इस सामान का अंतिम खरीदार पटना के अगमकुआं निवासी गौरी शंकर था. पुलिस अब पटना में भी इस नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई में जुटी हुई है.
छह बार चोरी में रहे सफल, सातवीं कोशिश ने पहुंचाया सलाखों के पीछे
गिरफ्तार चोरों में गिरिडीह का विकास कुमार, गया का बजरंगी तुरिया, शेखपुरा का रोहित कुमार और नवादा का वीरेंद्र कुमार शामिल हैं. आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे इस साल फरवरी से जून के बीच रेलवे कॉपर केबल चोरी की छह घटनाओं को अंजाम दे चुके थे. हालांकि सातवीं वारदात के दौरान उनकी योजना नाकाम हो गई और पूरी गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ गई.
जांच जारी, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी एजेंसियां
इस कार्रवाई के बाद रेलवे की सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि चोरी के सामान की खरीद और सप्लाई का यह नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ था. पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.