Vande Mataram Amendment Bill 2026: संसद के मानसून सत्र के 10वें दिन बुधवार को राज्यसभा ने प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स ऑफ नेशनल ऑनर (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया. केंद्र सरकार की ओर से यह विधेयक गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में पेश किया था. बहस के बाद उच्च सदन ने इसे मंजूरी दे दी. सरकार का कहना है कि संशोधन के बाद राष्ट्रगीत "वंदे मातरम" का जानबूझकर अपमान करना भी दंडनीय अपराध होगा.
राष्ट्र की गरिमा से जुड़ा विषय: नित्यानंद राय
विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान राजनीति से ऊपर का विषय है. उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसी व्यक्ति या विचारधारा के खिलाफ नहीं, बल्कि राष्ट्र की गरिमा, राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए लाया गया है.
1971 के कानून में होगा संशोधन
नित्यानंद राय ने कहा कि वर्ष 1971 में बने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान "जन गण मन" के सम्मान की रक्षा का प्रावधान किया गया था. अब इस संशोधन के जरिए राष्ट्रगीत "वंदे मातरम" के जानबूझकर किए गए अपमान को भी उसी कानून के तहत दंडनीय बनाने का प्रावधान किया गया है.
विपक्ष पर साधा निशाना
बहस के दौरान नित्यानंद राय ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि समझ से परे है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल "वंदे मातरम" का विरोध क्यों कर रहे हैं. उनका कहना था कि देश की जनता इस विरोध को देख रही है.
"वंदे मातरम" के विरोध पर दिया राजनीतिक संदेश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि "वंदे मातरम" का विरोध करना उन ताकतों का मनोबल बढ़ाने जैसा है जो देश को बांटने की सोच रखती हैं. उन्होंने कहा कि देश का नौजवान, किसान, मजदूर, महिलाएं और हर सच्चा देशभक्त ऐसी सोच को कभी स्वीकार नहीं करेगा और लोकतांत्रिक तरीके से उसका जवाब देगा.