Ranchi News : रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) से जुड़े जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने संस्थान की ओर से दायर शपथ पत्र पर नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि अदालत के पूर्व आदेश के बावजूद रिम्स में कई महत्वपूर्ण कार्य अब तक पूरे नहीं किए गए हैं।
नियुक्तियों और आधारभूत सुविधाओं में देरी पर सवाल
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि रिम्स में मेडिकल कैडर, सीनियर रेजिडेंट, ट्यूटर, नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य रिक्त पदों पर अब तक नियुक्तियां पूरी नहीं हुई हैं। इसके अलावा आवश्यक मेडिकल मशीनों और उपकरणों की खरीद तथा जर्जर भवनों की आपातकालीन मरम्मत का कार्य भी लंबित है।
स्वास्थ्य विभाग के ACS से मांगा व्यक्तिगत शपथ पत्र
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) को व्यक्तिगत रूप से शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पूछा है कि तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी इन कार्यों को पूरा क्यों नहीं किया गया।
मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी, फरवरी में दिया गया था अतिरिक्त समय
गौरतलब है कि 18 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट ने रिम्स के अनुरोध पर विभिन्न लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए तीन से छह महीने का अतिरिक्त समय दिया था। इसमें मेडिकल कैडर, सीनियर रेजिडेंट, ट्यूटर, वर्ग-3, वर्ग-4 और नर्सिंग पदों पर नियुक्तियां, आवश्यक मशीनों एवं उपकरणों की खरीद, भवन निर्माण और जर्जर भवनों की मरम्मत जैसे कार्य शामिल थे। इसके बावजूद निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे नहीं होने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य विभाग से जवाब तलब किया है।