West Bengal News :पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुए एक सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस ने कारोबारी मिनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के ठिकाने से 28.50 करोड़ रुपये नकद और लगभग 15 किलो सोना बरामद हुआ है. पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह पूरा मामला किसी बड़े गैरकानूनी सिंडिकेट से जुड़ा हो सकता है. वहीं, इस मामले में नाम सामने आने के बाद से एक अन्य कारोबारी टुल्लू मंडल फरार है, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है.
डकैती केस की जांच के दौरान मिला बड़ा सुराग
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बड़ी बरामदगी की शुरुआत एक डकैती के केस की जांच के दौरान हुई. मामले में पकड़े गए सात आरोपियों से पूछताछ के आधार पर बीरभूम के मोहम्मदबाजार इलाके में स्थित मिनार मंडल के घर पर छापेमारी की गई. जब पुलिस ने वहां रखे छह लोहे के बक्से और दो अलमारियों को खोला, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए.
सरकारी खजाने में भेजा गया जब्त सोना और कैश
बीरभूम के पुलिस अधीक्षक विदित राज बुंदेश ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में आरोपी मिनार मंडल ने दावा किया है कि यह पैसा और सोना बड़े स्टोन कारोबारी टुल्लू मंडल का है. हालांकि, पुलिस इस दावे की सच्चाई जांच रही है. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच पूरी बरामदगी को सरकारी खजाने (ट्रेजरी) में जमा करा दिया गया है. आरोपी के मकान को सील कर उसे कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई.
बस ड्राइवर से कैसे बना करोड़ों का "राज़दार"?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मिनार मंडल पहले उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम (NBSTC) में बस ड्राइवर था. करीब चार साल पहले उसने वीआरएस ले लिया और फिर स्टोन कारोबारी टुल्लू मंडल के साथ काम करने लगा. बताया जाता है कि वह रायपुर इलाके में डुप्लीकेट चालान रसीद गेट की देखरेख करता था. पड़ोसियों के लिए वह एक साधारण कर्मचारी जैसा ही था, इसलिए उसके घर से इतना बड़ा खजाना मिलने से हर कोई हैरान है.
फरार टुल्लू की घेराबंदी, परिजनों ने पल्ला झाड़ा
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी टुल्लू मंडल को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. जांच एजेंसियां अब इस पैसे और सोने के सोर्स का पता लगाने में जुटी हैं. दूसरी तरफ, मिनार मंडल के परिवार ने खुद को इस मामले से पूरी तरह अलग बताया है. आरोपी के बेटे का कहना है कि टुल्लू मंडल ने यह सामान धोखे से उनके घर पर रखवाया था और उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी.
सभी एंगल से जांच में जुटी एजेंसियां
राज्य सरकार ने साफ किया है कि अवैध संपत्तियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई जारी रहेगी. फिलहाल पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, कॉल डिटेल और सिंडिकेट से जुड़े अन्य संदिग्धों का नेटवर्क खंगालने में जुटी हुई हैं. मामले में आगे कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.