Jharkhand: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में अनियमितताओं और फर्जीवाड़े से जुड़े बहुचर्चित मामले के मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी की जमानत याचिका पर अदालत में सुनवाई हुई। अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को फिलहाल कोई राहत नहीं दी और सीआईडी (CID) से केस डायरी व जांच से जुड़े दस्तावेज तलब किए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को तय की गई है।
सीआईडी ने गोड्डा से किया था गिरफ्तार, मार्केटिंग अफसर के पद पर था तैनात
जेपीएससी परीक्षा में हुई धांधली की जांच कर रही सीआईडी की टीम ने 22 जुलाई को गोड्डा जिले में छापेमारी कर अभय कुमार तिवारी को धर दबोचा था। गिरफ्तारी के वक्त वह खाद्य आपूर्ति विभाग में विपणन पदाधिकारी (Marketing Officer) के पद पर पदस्थापित था।
ब्लैकलिस्टेड कंपनी से जुड़ाव और 4 बार JPSC पास करने पर गहराया शक
सीआईडी की छानबीन में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अभय तिवारी पहले टीडीपीएल (TDPL) नामक कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के रूप में कार्यरत था, जिसे बाद में ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, इस विवादित कंपनी में काम करने के दौरान ही उसने चार बार जेपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की थी। एक ही व्यक्ति द्वारा लगातार सफलता प्राप्त करने और ब्लैकलिस्टेड कंपनी से उसके तार जुड़े होने के कारण जांच एजेंसियों का शक गहरा गया। फिलहाल सीआईडी परीक्षा प्रक्रिया और इसमें शामिल अन्य कड़ियों की गहनता से पड़ताल कर रही है।