6.21 लाख से अधिक फॉर्म का डिजिटाइजेशन, 1.34 लाख अप्रमाणित
जिले के उपायुक्त ऋतुराज ने अभियान के आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि रामगढ़ जिले में कुल 7,55,455 पंजीकृत मतदाता हैं. अभियान के तहत इन सभी मतदाताओं के लिए गणना प्रपत्र तैयार करके बांटे गए थे. इनमें से कुल 6,21,238 फॉर्म का शत प्रतिशत डिजिटाइजेशन काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. वहीं दूसरी ओर, गहन सत्यापन के बाद 1,34,217 फॉर्म को अप्रमाणित श्रेणी में रखा गया है.
पलायन करने वाले मतदाता सबसे आगे, 19 हजार से ज्यादा नाम मृत मिले
निर्वाचन आयोग द्वारा तय मानकों के आधार पर जब अप्रमाणित फॉर्म को अलग अलग श्रेणियों में बांटा गया, तो काफी हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए. रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ी संख्या उन लोगों की है जो स्थायी रूप से रामगढ़ छोड़कर कहीं और बस चुके हैं. जिला स्तर पर अप्रमाणित मतदाताओं के विवरण की बात करें तो स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की संख्या 55,014 है, जबकि अनुपस्थित मतदाता 46,198 पाए गए हैं. इसके अलावा 19,800 मृत मतदाता, 12,437 अन्य स्थानों पर नामांकित और 768 मतदाता अन्य श्रेणियों में शामिल हैं.
बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र में 75 हजार से अधिक फॉर्म अनवेरिफाइड
बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 3,90,873 है. यहां भी शत प्रतिशत फॉर्म के वितरण और डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी की गई. इस क्षेत्र में कुल 75,167 मतदाता अप्रमाणित श्रेणी में पाए गए हैं. इनमें 38,756 मतदाता स्थायी रूप से शिफ्ट हो चुके हैं, जबकि 18,472 अनुपस्थित पाए गए. इसके अलावा 10,344 मृत मतदाता, 7,227 अन्य स्थानों पर नामांकित और 368 अन्य श्रेणियों में दर्ज किए गए हैं.
रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 59 हजार से ज्यादा प्रपत्र अप्रमाणित सूची में
रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां कुल 3,64,582 मतदाता पंजीकृत हैं. सत्यापन प्रक्रिया के बाद इस विधानसभा में 59,050 मतदाता अप्रमाणित श्रेणी में दर्ज किए गए. आंकड़ों के मुताबिक, इस क्षेत्र में 27,726 मतदाता अनुपस्थित पाए गए, जो कि सबसे बड़ी संख्या है. इसके अलावा 16,258 मतदाता स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके हैं, 9,456 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, 5,210 पहले से अन्य जगहों पर नामांकित हैं और 400 अन्य श्रेणियों में शामिल हैं.
पारदर्शी और त्रुटिरहित वोटर लिस्ट बनाने की दिशा में बड़ा कदम
जिला प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मुख्य मकसद वोटर लिस्ट को पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और अपडेटेड बनाना है. घर घर जाकर किए गए इस भौतिक सत्यापन और डिजिटाइजेशन काम से फर्जी, दोहरे और मृत मतदाताओं के नाम हटाने में बड़ी मदद मिलेगी. अधिकारियों का कहना है कि इस डेटा के आधार पर आने वाली अंतिम मतदाता सूची को और ज्यादा विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा.