Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-07-31

BREAKING: हजारीबाग जमीन घोटाला मामले में निलंबित IAS विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत, जेल से बाहर आने का रास्ता हुआ साफ

BREAKING: हजारीबाग भूमि घोटाला मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने हजारीबाग के उपायुक्त (डीसी) रहते कथित जमीन अनियमितता मामले में उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है.

जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने सुनवाई के बाद विनय चौबे को सशर्त जमानत देने का आदेश दिया. इससे पहले 28 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

20 मई 2025 से न्यायिक हिरासत में थे
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 20 मई 2025 को विनय चौबे को गिरफ्तार किया था. तब से वे न्यायिक हिरासत में थे. उनके खिलाफ आरोप है कि हजारीबाग में डीसी रहते सेवायत, खासमहल और वनभूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री, फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन की प्रकृति बदलने और उसे निजी लोगों के नाम स्थानांतरित करने में अनियमितताएं हुईं.

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के साथ रखीं शर्तें
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए कई शर्तें भी लगाई हैं. अदालत ने निर्देश दिया है कि विनय चौबे बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जाएंगे, मामले के गवाहों को प्रभावित करने या उनसे संपर्क करने की कोशिश नहीं करेंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे.

सुनवाई के दौरान चौबे की ओर से दलील दी गई कि इस मामले के अन्य सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है. साथ ही यह मामला वर्ष 2009-10 के दौरान उनके कार्यकाल से जुड़ा है.

73 लोगों को बनाया गया है आरोपी
हजारीबाग भूमि घोटाला मामले में एसीबी ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज की है. प्राथमिकी में विनय चौबे के अलावा विनय सिंह, स्निग्धा सिंह, हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचलाधिकारी शैलेश कुमार, ब्रोकर विजय सिंह समेत कुल 73 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है.

रिहाई का रास्ता हुआ साफ
इस मामले में जमानत मिलने के बाद विनय चौबे की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है. उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है. ऐसे में आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनकी रिहाई संभव होगी. वे एक वर्ष से अधिक समय से जेल में बंद हैं.

अन्य मामलों में भी चल रही है जांच
विनय चौबे का नाम हजारीबाग भूमि घोटाले के अलावा झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले, उत्पाद नीति 2022 से जुड़े प्रकरण, आय से अधिक संपत्ति और अन्य मामलों में भी सामने आया है. हालांकि, इन मामलों में उन्हें पहले ही स्थानीय अदालतों या डिफॉल्ट बेल के आधार पर राहत मिल चुकी है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !