Hool Revolution: 19वीं सदी के मध्य में आदिवासी समुदाय ने ब्रिटिश शासन, साहूकारों और जमींदारों के अत्याचार के खिलाफ एक बड़ा विद्रोह किया, जिसे हूल क्रांति के नाम से जाना जाता है। इस क्रांति का नेतृत्व सिदो मुर्मू और उनके भाई कान्हू मुर्मू ने किया।
आदिवासी समुदाय के असंतोष के कई कारण थे, जिनमें से कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
जमीन की लूट और कर वसूली: ब्रिटिश शासन ने आदिवासियों की जमीन छीनने और कर वसूली में सख्ती दिखानी शुरू कर दी।
साहूकारों और जमींदारों के अत्याचार: साहूकारों और जमींदारों ने आदिवासियों का शोषण करना शुरू कर दिया।
असंतोष और विद्रोह: आदिवासी समुदाय में असंतोष बढ़ता गया और उन्होंने ब्रिटिश शासन और साहूकारों-जमींदारों के खिलाफ विद्रोह करने का निर्णय लिया।
हूल क्रांति की शुरुआत 30 जून 1855 को भोगनाडीह में हुई, जब सिदो मुर्मू ने आदिवासी समुदाय को जुटने का आह्वान किया। इस आंदोलन में सिदो का साथ उनके भाई कान्हू मुर्मू, चांद-भैरव, बहनें फूलो-झानो और कई आदिवासी क्रांतिकारियों ने दिया।
दस हजार की भीड़: दूर-दराज इलाकों से दस हजार की भीड़ जुटी और लोगों ने कलकत्ता (कोलकाता) कूच करने का निर्णय लिया।
आदिवासियों का उत्साह: आदिवासियों ने अपने स्तर से निर्मित तीर-धनुष, नगाड़े और मांदर को लेकर अदम्य उत्साह दिखाया।
हूल क्रांति में महिलाओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सिदो-कान्हू की बहनें फूलो-झानो ने परंपराओं को तोड़ते हुए आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई।
महिलाओं का योगदान: महिलाओं ने आदिवासी समुदाय के साथ मिलकर ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ीं और आंदोलन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हूल क्रांति के परिणामस्वरूप ब्रिटिश शासन को आदिवासियों के लिए विशेष काश्तकारी कानून बनाने पड़े और संताल परगना नाम से अलग जिला बनाया गया।
ब्रिटिश शासन को झटका: हूल क्रांति ने ब्रिटिश शासन को झटका दिया और उन्हें आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए कुछ कदम उठाने पड़े।
आदिवासी समुदाय का आत्मविश्वास: हूल क्रांति ने आदिवासी समुदाय के आत्मविश्वास को बढ़ाया और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया।
हूल क्रांति आदिवासी समुदाय के ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण विद्रोह था, जिसने आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए ब्रिटिश शासन को मजबूर किया। इस क्रांति ने आदिवासी समुदाय के आत्मविश्वास को बढ़ाया और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया।