Jamshedpur Rural: पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम प्रखंड स्थित धोबनी गांव में पांच वर्षीय बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रारंभिक जांच में बच्ची में चिकन पॉक्स जैसे लक्षण मिलने की बात सामने आई है, हालांकि मौत के सटीक कारणों की जांच अभी जारी है।
झाड़-फूंक के चक्कर में बिगड़ी तबीयत
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार बच्ची को तेज बुखार के साथ शरीर पर चकत और दाने उभरे थे। परिजनों ने पहले अस्पताल ले जाने के बजाय स्थानीय स्तर पर झाड़-फूंक कराई और बाद में ग्रामीण चिकित्सक से दवा ली, लेकिन स्थिति बिगड़ती गई। गुरुवार देर रात बच्ची ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद शुक्रवार को परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव में फैला मलेरिया, 3 मरीज एमजीएम अस्पताल रेफर
इस घटना के बाद गांव में चलाए गए जांच अभियान के दौरान मलेरिया के 4 नए मरीज सामने आने से विभाग की चिंता और बढ़ गई है। इनमें से तीन मरीज फाल्सीपेरम (PF) मलेरिया और एक मरीज विवैक्स (PV) मलेरिया से पीड़ित पाया गया है। विवैक्स मलेरिया से संक्रमित सोमवारी सिंह का इलाज पटमदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में चल रहा है। वहीं, पीएफ मलेरिया से पीड़ित तीन बच्चों सुंदर सिंह (12 वर्ष), गौर सिंह (2 वर्ष 9 माह) और तारामणि सिंह (9 वर्ष) की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल (MGM Hospital) रेफर कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का कैंप और बचाव की अपील
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम धोबनी गांव में लगातार कैंप कर रही है। घर-घर जाकर लोगों की जांच की जा रही है, दवाएं बांटी जा रही हैं और मच्छरों से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि बुखार या बीमारी के लक्षण दिखने पर झाड़-फूंक या नीम-हकीमों के चक्कर में पड़ने के बजाय तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और मच्छरदानी का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करें।