Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर तेज हो गया है. रविवार, 2 अगस्त को यूक्रेन ने रूस के अंदर कई अहम सैन्य और औद्योगिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए. यूक्रेन का दावा है कि इस कार्रवाई में रूस के रणनीतिक एयरबेस, तेल रिफाइनरी और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया.
एंगेल्स एयरबेस पर हमला, लगी भीषण आग
यूक्रेन के जनरल स्टाफ के अनुसार, सारातोव क्षेत्र में स्थित एंगेल्स एयरबेस पर ड्रोन हमला किया गया. हमले के बाद एयरबेस में आग लग गई. यह रूस का अहम सैन्य ठिकाना माना जाता है, जहां Tu-95MS और Tu-160 जैसे लंबी दूरी के रणनीतिक बमवर्षक विमान तैनात रहते हैं. हालांकि यूक्रेन ने यह नहीं बताया कि इस हमले में विमानों को कितना नुकसान पहुंचा.
तेल रिफाइनरी भी बनी निशाना
यूक्रेन ने सारातोव की बड़ी तेल रिफाइनरी पर भी हमला करने का दावा किया है. यह रिफाइनरी हर साल करीब 70 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती है और रूस के सैन्य-औद्योगिक ढांचे के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक हमले के बाद रिफाइनरी में आग लग गई. शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस घटना में दो लोगों की मौत हुई है.
तेल डिपो और वेयरहाउस पर भी हमला
रिपोर्ट के मुताबिक, कलुगा क्षेत्र के ल्युडिनोव्स्काया तेल डिपो पर भी ड्रोन हमला किया गया. वहीं समारा क्षेत्र के नोवोसेमेकिनो में रूस की बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज के वेयरहाउस में भी आग लग गई.
वाइल्डबेरीज पर पहले भी लग चुके हैं आरोप
यूक्रेन का आरोप है कि वाइल्डबेरीज के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सैन्य जरूरतों से जुड़े सामान, जैसे ड्रोन के पुर्जे और बॉडी आर्मर की आपूर्ति के लिए किया जा रहा था. हाल ही में यूरोपीय संघ ने भी रूस को आर्थिक मदद पहुंचाने के आरोप में वाइल्डबेरीज की बैंकिंग शाखा पर प्रतिबंध लगाए थे.
युद्ध की रणनीति बदलने के संकेत
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन अब रूस की सैन्य ताकत को सीधे चुनौती देने के बजाय उसके ऊर्जा, ईंधन और लॉजिस्टिक नेटवर्क को निशाना बना रहा है. माना जा रहा है कि यह हमला एक दिन पहले कीव में यूक्रेन की रिटेल कंपनी रोजेटका के गोदाम पर हुए रूसी हमले के जवाब में किया गया, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई थी.