JPSC JSSC Protest: झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कई परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। राजधानी रांची में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुटकर भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और जांच की मांग उठा रहे हैं।
छात्रों ने उठाया पारदर्शिता का मुद्दा
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है। छात्रों ने मांग की है कि परीक्षा से जुड़े मामलों की स्वतंत्र जांच हो और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अभिजीत दीपके ने छात्रों से की बातचीत
छात्र आंदोलन के बीच कोंकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वीडियो कॉल के माध्यम से प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों की समस्याओं को सुना और उनकी मांगों को जायज बताते हुए आंदोलन में समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि युवाओं को निष्पक्ष और भरोसेमंद भर्ती व्यवस्था मिलना जरूरी है। किसी भी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार और संबंधित आयोगों की जिम्मेदारी है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को उनके साथ बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए।
देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल से बढ़ा आंदोलन
छात्रों के आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली जब छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। इसके बाद आंदोलन से जुड़े छात्रों की संख्या बढ़ने लगी। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें क्या हैं
छात्रों की प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भविष्य की परीक्षाओं के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करना शामिल है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिसमें हर अभ्यर्थी को समान अवसर मिले और किसी तरह की धांधली की संभावना खत्म हो।
सरकारी भर्ती व्यवस्था पर उठे सवाल
झारखंड में चल रहा यह विरोध अब केवल कुछ परीक्षाओं तक सीमित नहीं रह गया है। यह राज्य में सरकारी नौकरी की पूरी भर्ती व्यवस्था पर भरोसे का सवाल बन चुका है। छात्रों के आंदोलन को मिल रहे समर्थन के बाद सरकार और आयोगों की भूमिका पर भी नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित विभाग छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और भर्ती प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के लिए कौन-कौन से फैसले लिए जाते हैं।