Ranchi News : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि 4 अगस्त सिर्फ एक पुण्यतिथि नहीं, बल्कि झारखंड के लिए आत्ममंथन और नए संकल्प का अवसर है। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने अपना पूरा जीवन आदिवासियों, किसानों, मजदूरों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई में समर्पित कर दिया।
केशव महतो कमलेश ने कहा कि शिबू सोरेन ने कभी राजनीति को सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं बनाया, बल्कि इसे समाज सेवा और जनसंघर्ष का रास्ता माना। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को संगठित किया और जल, जंगल व जमीन की रक्षा के लिए लगातार आंदोलन चलाया। महाजनी प्रथा और जमीन हड़पने जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ उनके संघर्ष ने उन्हें "दिशोम गुरु" की पहचान दिलाई।
सामाजिक न्याय और ग्रामीण विकास को हमेशा दी प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी शिबू सोरेन ने आदिवासियों, किसानों, ग्रामीण विकास, शिक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को हमेशा प्राथमिकता दी। उनका सपना था कि झारखंड केवल अपनी खनिज संपदा के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा, समावेशी विकास और सामाजिक समानता के लिए भी देशभर में पहचान बनाए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2026 में भारत सरकार द्वारा शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के संघर्ष, स्वाभिमान और जनआंदोलन का सम्मान है। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु के आदर्श आने वाली पीढ़ियों को समाज और राज्य के विकास के लिए प्रेरित करते रहेंगे।