Jharkhand BJP: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर बोला है. पार्टी ने पूरे मामले की CBI जांच कराने, JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी, पीटी परीक्षा रद्द करने और आयोग के पुनर्गठन की मांग की है. भाजपा ने साफ कहा है कि मांगें नहीं मानी गईं तो राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा.
“सात साल की सभी भर्ती परीक्षाओं की हो CBI जांच”
रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में हुई सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की CBI से जांच कराई जानी चाहिए. उनका कहना था कि इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल होगा.
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा
भाजपा ने इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की. पार्टी का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामले में सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती.
JPSC के पुनर्गठन की मांग
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि आयोग के मौजूदा सदस्यों को हटाकर नई नियुक्तियां पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जानी चाहिए. उनका कहना था कि तभी आयोग की विश्वसनीयता दोबारा स्थापित हो सकेगी.
एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी की उठाई मांग
भाजपा ने JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी की भी मांग की. प्रतुल शाहदेव ने कहा कि परीक्षा संचालन, मेरिट सूची तैयार करने और पूरी प्रक्रिया की गोपनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी आयोग और उसके अध्यक्ष की होती है. उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा का काम एक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को सौंपा गया था, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है.
CID जांच पर भी उठाए सवाल
भाजपा ने CID की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए. प्रतुल शाहदेव ने कहा कि OMR शीट सामने आने के 23 दिन बाद सुमन सौरभ की गिरफ्तारी हुई. उनका आरोप है कि इस दौरान सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका बनी रही. उन्होंने जांच में तेजी लाने की मांग की.
परीक्षा प्रक्रिया पर लगाए कई आरोप
प्रेस वार्ता में भाजपा ने दावा किया कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई अभ्यर्थी दूसरी परीक्षाएं छोड़कर JPSC परीक्षा देने झारखंड पहुंचे थे. पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि एक ही परीक्षा केंद्र से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का चयन हुआ. इसके अलावा परिणाम जारी करते समय केवल JPSC अध्यक्ष के हस्ताक्षर होने और अन्य सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने पर भी सवाल उठाए गए.
कांग्रेस की चुप्पी पर भी निशाना
भाजपा ने कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि दूसरे राज्यों के मुद्दों पर सक्रिय रहने वाले कांग्रेस नेता झारखंड के छात्रों के मामले में चुप हैं. पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि JPSC का एक मौजूदा सदस्य पहले कांग्रेस का प्रवक्ता रह चुका है.
मांगें नहीं मानी गईं तो होगा आंदोलन
भाजपा ने चेतावनी दी कि यदि एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी नहीं हुई और पीटी परीक्षा रद्द नहीं की गई, तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी. पार्टी ने सरकार से छात्रों के हित में जल्द फैसला लेने की अपील की.