Ranchi News : JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के विरोध में राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। अल्बर्ट एक्का चौक पर AISA और AISF के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनका दावा है कि कई मामलों में वैकेंसी जारी होने से पहले ही सीटों का सौदा कर लिया जाता है। साथ ही ओएमआर शीट और कार्बन कॉपी में अंतर मिलने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं। छात्रों का आरोप है कि JPSC ने अब तक कट-ऑफ अंक और श्रेणीवार परिणाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
"अब परीक्षा के चार चरण हैं, प्री, मेन्स, इंटरव्यू और आंदोलन"
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि अब JPSC परीक्षा के तीन नहीं बल्कि चार चरण हो गए हैं, प्री, मेन्स, इंटरव्यू और आंदोलन। उनका कहना है कि झारखंड गठन के बाद से JPSC की अधिकांश भर्तियां विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी रही हैं।
छात्रों ने 14वीं JPSC परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, स्थानीय एवं नियोजन नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा धांधली में शामिल लोगों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा और व्यापक
आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और व्यापक होगा। इसी क्रम में 7 अगस्त को विधानसभा मार्च निकालने की घोषणा की गई है, जिसमें राज्यभर से बड़ी संख्या में छात्र और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।