Jamshedpur: एमजीएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से व्यवस्थित करने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। संस्थान में लंबे समय से तैनात होमगार्ड जवानों की जगह अब नए जवानों की प्रतिनियुक्ति की जा रही है। फिलहाल इसकी शुरुआत मेडिकल कॉलेज परिसर से की गई है, जबकि अगले चरण में अस्पताल भवन में तैनात जवानों का भी रोटेशन किया जाएगा।
प्राचार्य के अनुरोध के बाद शुरू हुई प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने होमगार्ड मुख्यालय को पत्र भेजकर लंबे समय से ड्यूटी कर रहे जवानों को बदलने का आग्रह किया था। इसी अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए प्रतिनियुक्ति में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शुरुआती चरण में पांच जवानों को हटाकर उनकी जगह नए जवानों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आने वाले दिनों में शेष जवानों का भी क्रमवार रोटेशन किया जाएगा।
अस्पताल में तैनात करीब 90 जवानों की भी बदलेगी ड्यूटी
प्रशासनिक स्तर पर अब एमजीएम अस्पताल परिसर में तैनात होमगार्ड जवानों की सूची पर भी काम चल रहा है। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में ड्यूटी कर रहे लगभग 90 जवानों की प्रतिनियुक्ति में भी बदलाव किया जाएगा। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, अस्पताल प्रशासन और होमगार्ड विभाग के अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श हो चुका है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अलग-अलग स्थानों पर नए जवानों को जिम्मेदारी दी जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर
अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर प्रतिनियुक्ति में बदलाव करना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे ड्यूटी व्यवस्था अधिक प्रभावी होती है और सुरक्षा प्रबंधन में भी सुधार आता है। इसी उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। एमजीएम परिसर में हाल के दिनों में हुई कुछ घटनाओं के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू की थी। इसी क्रम में होमगार्ड जवानों की तैनाती को लेकर भी पुनर्विचार किया गया।
महिला जवान के वीडियो के बाद बढ़ी थी चर्चा
18 जुलाई को एमजीएम अस्पताल में ड्यूटी कर रही एक महिला होमगार्ड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने कई महीनों से वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या जैसी चेतावनी दी थी। इस घटना के बाद मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना और स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्थिति की समीक्षा की। इसी बीच अब होमगार्ड जवानों की नई प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होने से इसे प्रशासनिक सुधार की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। वहीं लंबित वेतन और कार्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई जारी है।