योजना के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पेन, पेंसिल, इरेज़र, शार्पनर और ज्योमेट्री बॉक्स जैसी सामग्री प्रदान की जाएगी. इसके लिए परिषद ने कक्षावार दरें तय की हैं, जिसमें कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों के लिए प्रति छात्र ₹25, कक्षा 3 से 5 के लिए प्रति छात्र ₹80 और कक्षा 6 से 8 के लिए प्रति छात्र ₹105 का बजट मंजूर किया गया है. इसके अतिरिक्त कक्षा 3 से 8 तक के बच्चों को ₹30 मूल्य का इंस्ट्रूमेंट बॉक्स भी दिया जाएगा.
राज्य के सभी 24 जिलों को वहां की छात्र संख्या के आधार पर राशि आवंटित की गई है. इसमें गिरिडीह जिले को सर्वाधिक ₹2,14,14,374 का बजट मिला है, जबकि हजारीबाग को ₹95,15,319, पाकुड़ को ₹94,83,439, बोकारो को ₹92,91,572, पूर्वी सिंहभूम को ₹83,97,840, जामताड़ा को ₹73,18,579, लातेहार को ₹70,23,091, सरायकेला-खरसावां को ₹67,16,327, गुमला को ₹59,49,382, कोडरमा को ₹49,56,221, रामगढ़ को ₹41,68,351, लोहरदगा को ₹36,96,841 और सिमडेगा को ₹27,08,717 दिए गए हैं. इसी प्रकार पलामू को ₹1,94,18,277, देवघर को ₹1,43,71,197, पश्चिमी सिंहभूम को ₹1,35,07,366, गढ़वा को ₹1,30,46,513, गोड्डा को ₹1,26,42,050, साहिबगंज को ₹1,22,66,985, दुमका को ₹1,17,83,307, धनबाद को ₹1,13,83,276, चतरा को ₹1,02,61,581 और रांची को ₹1,02,27,347 आवंटित किए गए हैं, जबकि खूंटी को सबसे कम ₹27,06,771 प्राप्त हुए हैं.
शिक्षा परिषद ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आवंटित फंड का पारदर्शी और समयबद्ध इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं. सत्र शुरू होने के बाद तक किट न मिलने की पुरानी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस बार सख्त नियम लागू किए हैं, ताकि सभी पात्र विद्यार्थियों को समय पर अध्ययन सामग्री मिल सके.