Current News : केंद्र सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए पहले चरण में 2.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। आवश्यकता पड़ने पर ग्रीन शू ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 4 फीसदी हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है। इस तरह कुल 6.5 फीसदी तक हिस्सेदारी बाजार में उतारी जा सकती है।
वर्तमान में केंद्र सरकार के पास LIC की करीब 96.5 फीसदी हिस्सेदारी है। सूत्रों के मुताबिक, OFS प्रक्रिया में सबसे पहले नॉन-रिटेल निवेशकों को शेयर खरीदने का अवसर मिलेगा, जबकि इसके बाद रिटेल निवेशक बोली लगा सकेंगे। सरकार ने इस OFS के लिए 382 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है।
सेबी के नियमों का पालन करना सरकार का उद्देश्य
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व जुटाना नहीं है, बल्कि सेबी के न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी (Minimum Public Shareholding) संबंधी नियमों का पालन करना भी है।
सेबी के नियमों के अनुसार, शेयर बाजार में सूचीबद्ध किसी भी कंपनी में कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी आम निवेशकों के पास होनी चाहिए। फिलहाल LIC में सरकार की हिस्सेदारी काफी अधिक होने के कारण सार्वजनिक शेयरधारिता बढ़ाना आवश्यक हो गया है।
गौरतलब है कि LIC का आईपीओ वर्ष 2022 में लॉन्च हुआ था, जिसे देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ माना गया था। अब सरकार नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कंपनी में आम निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है।