Giridih News: गिरिडीह जिले में आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है. पिछले 24 घंटे में जिले के अलग-अलग हिस्सों में वज्रपात की घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई और 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. देवरी थाना क्षेत्र में सबसे बड़ा हादसा हुआ, जहां एक ही परिवार के तीन चचेरे भाइयों समेत पांच लोगों की जान चली गई.
देवरी में हुआ सबसे बड़ा हादसा
देवरी थाना क्षेत्र के देवपहाड़ी में एक पेड़ के नीचे पांच युवक और किशोर बारिश के दौरान बैठे थे. अचानक वज्रपात हुआ और सभी इसकी चपेट में आ गए. अस्पताल में डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया. मृतकों में अर्जुन कुमार साव, विष्णुदेव साव, अविनंदन उर्फ गजेंद्र साव और कुश कुमार तिवारी शामिल हैं. उमेश यादव गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है. देवरी के तिलयडीह गांव में संतोष तिवारी खेत में धान का बिचड़ा डाल रहे थे जब वज्रपात हुआ और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना में विक्रम तिवारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

नवडीहा, गांडेय और गावां में भी हादसे
नवडीहा ओपी क्षेत्र के बबैडीह गांव में आरती देवी के कंधे पर रखे लोहे के कुदाल पर बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई. मालती देवी और रूबी देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं.
गांडेय थाना क्षेत्र के ओझाडीह गांव में पप्पू हांसदा की वज्रपात से मौत हो गई. गावां प्रखंड के भेलवा गांव में पूनम देवी की जान चली गई. अंबा सखुआ गांव में बिजली गिरने से दो मवेशियों की भी मौत हुई और तीन चरवाहे घायल हो गए.
बिरनी और बगोदर में भी गई जान
बिरनी प्रखंड के बेडगरो गांव में यूनुस मियां की वज्रपात से मौत हो गई. बगोदर थाना क्षेत्र के अलगडीहा स्थित कोनार नहर निर्माण स्थल पर समीर गिद की बिजली गिरने से मौत हो गई. इस घटना में महावीर तुरी गंभीर रूप से घायल हुए. खेतको पंचायत में खेमिया देवी वज्रपात की चपेट में आने से घायल हो गईं और उनका इलाज जारी है.

जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
जमुआ विधायक मंजू कुमारी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महादेव दुबे और अन्य जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की. विधायक ने ग्रामीण क्षेत्रों में वज्रपात से बचाव के लिए अधिक संख्या में तड़ित चालक लगाने की आवश्यकता बताई.
प्रशासन ने जारी की सलाह
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत, जलाशयों और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की अपील की है. साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने बताया कि मृतकों के परिजनों को आपदा राहत नियमों के तहत सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.
गिरिडीह में 24 घंटे के भीतर हुई वज्रपात की घटनाओं ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है. राहत और उपचार का कार्य जारी है, जबकि प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी एडवाइजरी का पालन करने की अपील कर रहा है.