Ranchi News : बोकारो जिले के चास प्रखंड स्थित तेतुलिया गांव की 103 एकड़ जमीन पर कथित अवैध कब्जे और फर्जी जमाबंदी से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिकाकर्ता शैलेश कुमार सिंह ने सीआईडी में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की है।
सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा। सीआईडी की प्राथमिकी के आधार पर ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ईसीआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।
2012 में हुई थी 103 एकड़ जमीन की विवादित जमाबंदी
सीआईडी द्वारा दर्ज मामले की जांच में आरोप है कि वर्ष 2012 में 103 एकड़ सरकारी भूमि की जमाबंदी कथित रूप से गलत तरीके से की गई थी। जांच के बाद तत्कालीन अंचल अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया, जबकि तत्कालीन एसडीओ, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचल निरीक्षक, राजस्व कर्मचारी और अमीन की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
जांच के अनुसार, सतनपुर और तेतुलिया की पहाड़ एवं वन भूमि पूर्व में बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) को आवंटित की गई थी, लेकिन इसका उपयोग नहीं होने के कारण जमीन खाली पड़ी रही। वर्ष 1980 और 2013 के रिवीजनल सर्वे के दौरान भी इस भूमि पर किसी व्यक्ति ने दावा नहीं किया। इसके बावजूद वर्ष 2012 में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 103 एकड़ जमीन की जमाबंदी कर दी गई। मामले का खुलासा होने के बाद सरकार ने जांच शुरू की और कार्रवाई की। अब इस बहुचर्चित मामले में हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है।