Jamshedpur: एमजीएम मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टर समीर कुमार लाल और सक्षम सिंह की डिमना लेक में हुई मौत के मामले में बोड़ाम थाना पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस घटना से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही है और अब तक सामने आए तथ्यों को आपस में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच के दौरान सामने आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साकची काशीडीह निवासी डॉ समीर कुमार लाल के सिर के दाहिने हिस्से में आगे की ओर करीब दो सेंटीमीटर गहरे जख्म का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में सिर के अंदर रक्त का थक्का जमने और मस्तिष्क में सूजन की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इस चोट के कारण और घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
डॉ यश बरछा समेत कई लोगों से हुई पूछताछ
मामले की जांच में पुलिस ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर डॉ यश बरछा से विस्तृत पूछताछ की है। इसके अलावा उनकी एक महिला मित्र का बयान भी दर्ज किया गया है। पुलिस ने घटना वाली रात डिमना लेक में तैनात टाटा स्टील के सुरक्षा कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई है। सुरक्षाकर्मियों से उस रात की गतिविधियों और वहां मौजूद लोगों के बारे में पूछताछ की गई।
घटनास्थल पर कराया गया घटनाक्रम का पुनर्निर्माण
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने डॉ यश बरछा को घटनास्थल पर ले जाकर घटना का रीक्रिएशन भी कराया। इसके माध्यम से पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि घटना के दौरान किस तरह की परिस्थितियां बनी थीं। इसके अलावा एमजीएम मेडिकल कॉलेज हॉस्टल और अस्पताल के मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ की गई है, ताकि तीनों डॉक्टरों की आवाजाही और 23 जुलाई की रात की गतिविधियों की जानकारी मिल सके।
शराब दुकान के कर्मचारियों से भी ली गई जानकारी
पुलिस ने डिमना चौक स्थित उस दुकान के कर्मचारियों से भी पूछताछ की है, जहां से तीनों डॉक्टरों द्वारा शराब खरीदे जाने की बात सामने आई थी। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि डिमना लेक पहुंचने से पहले तीनों डॉक्टर कहां-कहां गए थे और उनकी गतिविधियां क्या थीं।
डॉ सचिन कुमार के बयान का इंतजार
घटना के समय तीनों डॉक्टरों के साथ मौजूद रहे डॉ सचिन कुमार को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। बताया जा रहा है कि घटना के कुछ समय बाद वह अपने रांची स्थित घर चले गए थे। पुलिस के अनुसार, 24 जुलाई की सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद डिमना लेक पहुंचने वालों में डॉ सचिन कुमार भी शामिल थे। ऐसे में उनका बयान जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही पुलिस
बोड़ाम थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है। सभी उपलब्ध साक्ष्यों, बयानों और घटनाक्रम का मिलान किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दोनों इंटर्न डॉक्टरों की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्पष्ट निष्कर्ष सामने आएगा। जरूरत पड़ने पर मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।