Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ट्रेन के अत्यधिक विलंब को रेलवे की सेवा में गंभीर कमी मानते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे को एक यात्री को 60 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने यह फैसला 3 अगस्त 2026 को सुनाया।
5 घंटे 17 मिनट देरी से पहुंची थी ट्रेन
मामले के अनुसार, आदित्यपुर निवासी संजय कुमार ने 13 अक्टूबर 2024 को टाटानगर से संबलपुर जाने के लिए इस्पात एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22861) का ई-टिकट कराया था। निर्धारित समय के अनुसार ट्रेन को दोपहर तक संबलपुर पहुंचना था, लेकिन यह 5 घंटे 17 मिनट (317 मिनट) की देरी से अपने गंतव्य पर पहुंची।
यात्री ने मांगा था 2.50 लाख रुपये का मुआवजा
संजय कुमार का कहना था कि ट्रेन की देरी के कारण उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने पहले दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कर 2.50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की।
आयोग ने माना रेलवे की सेवा में कमी
सुनवाई के दौरान आयोग ने ई-टिकट, कानूनी नोटिस और अन्य दस्तावेजों की जांच की। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद आयोग ने माना कि ट्रेन का अत्यधिक विलंब रेलवे की सेवा में कमी (Deficiency in Service) की श्रेणी में आता है।
45 दिनों में भुगतान का निर्देश, नहीं देने पर देना होगा ब्याज
आयोग ने दक्षिण पूर्व रेलवे को शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये मानसिक उत्पीड़न तथा 10 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में, कुल 60 हजार रुपये का भुगतान 45 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि तय अवधि के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो पूरी राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।