Devendra Nath Mahato Hunger Strike: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर झारखंड में चल रहे JPSC-JSSC छात्र आंदोलन और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के अनशन को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों ने गलत तरीके से यह खबर प्रकाशित कर दी कि देवेंद्र नाथ महतो ने अपना अनशन तोड़ दिया है, जबकि यह पूरी तरह गलत है.
सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्होंने देवेंद्र नाथ महतो से केवल जल और नमक ग्रहण करने का आग्रह किया था, ताकि उनकी सेहत सुरक्षित रहे और आंदोलन जारी रह सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि देवेंद्र नाथ महतो ने अनशन समाप्त नहीं किया है, बल्कि वे जल और नमक के सहारे अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखे हुए हैं. वांगचुक ने कहा कि यह वही तरीका है, जिसे महात्मा गांधी ने भी अपने कई अनशनों के दौरान अपनाया था.
वीडियो में उन्होंने उन मीडिया संस्थानों से अपनी खबर सुधारने की अपील की, जिन्होंने यह प्रकाशित किया कि अनशन खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि ऐसी गलत खबरें लोगों के बीच भ्रम पैदा करती हैं और आंदोलन को लेकर गलत संदेश देती हैं. उनके अनुसार, देवेंद्र नाथ महतो पहले बिना जल ग्रहण किए अनशन कर रहे थे, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद गंभीर स्थिति थी. इसलिए उन्होंने केवल जल और नमक लेने का अनुरोध किया, न कि अनशन समाप्त करने का.
सोनम वांगचुक ने झारखंड में आंदोलन कर रहे सभी छात्र संगठनों को शुभकामनाएं दीं और राज्य की जनता का भी धन्यवाद किया, जो छात्रों के समर्थन में खड़ी है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि सरकार जल्द से जल्द छात्रों की बात सुने और इस विवाद का समाधान निकाले. उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों, राज्य और सरकार के हित में होगा.
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र आंदोलन पिछले 12 दिनों से लगातार जारी है. इसी आंदोलन के समर्थन में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उनकी प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच, कथित गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग शामिल है.
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक ने पहले भी देवेंद्र नाथ महतो से स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जल ग्रहण करने की अपील की थी. इसके बाद महतो ने केवल पानी पीने की सहमति दी, लेकिन अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखा.