Jamshedpur News : दलमा वन्यप्राणी अभयारण्य क्षेत्र के बालीगुमा आरक्षित वन (RF) में कथित वनभूमि अतिक्रमण के मामले में समाहर्ता-सह-उप वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक, गज परियोजना, जमशेदपुर ने बड़ा आदेश जारी किया है। BPLE/JPLE वाद संख्या 04/2025 में अरविंदो मंडल को 15 दिनों के भीतर वनभूमि से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है। आदेश का पालन नहीं करने पर प्रशासन बलपूर्वक अतिक्रमण हटाएगा और कार्रवाई में होने वाला पूरा खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा।
आदेश के अनुसार, जांच में पाया गया कि बालीगुमा आरक्षित वन के प्लॉट संख्या 01(P) पर लगभग 0.0068 एकड़ वनभूमि पर मकान का निर्माण किया गया है। वन विभाग ने इसे भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों का उल्लंघन बताया है। मामले में कई बार नोटिस जारी कर संबंधित व्यक्ति को भूमि संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन सक्षम साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए।
संबंधित व्यक्ति दस्तावेज पेश नहीं कर सका, वनभूमि पर अतिक्रमण माना गया
आदेश में कहा गया है कि संबंधित भूमि अधिसूचित सुरक्षित वनभूमि है और दलमा वन्यप्राणी अभयारण्य के अंतर्गत आती है। सुनवाई के दौरान संबंधित व्यक्ति को कई बार अपना पक्ष रखने और जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन वह भूमि पर वैध अधिकार साबित करने वाला कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके आधार पर न्यायालय ने वनभूमि पर अतिक्रमण को प्रमाणित माना।
समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर होगी बलपूर्वक कार्रवाई
अदालत ने बिहार सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 तथा झारखंड सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 2000 की धारा-6 के तहत 15 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। आदेश की प्रतिलिपि मुख्य वन संरक्षक, उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी और संबंधित वन क्षेत्र पदाधिकारी को भेजी गई है।
साथ ही वन विभाग को निर्देश दिया गया है कि यदि निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो दंडाधिकारी और पुलिस बल की मौजूदगी में वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। इस कार्रवाई में होने वाला पूरा खर्च संबंधित अतिक्रमणकर्ता से वसूला जाएगा।