Joba Majhi: पश्चिमी सिंहभूम की सांसद जोबा माझी ने गुरुवार को लोकसभा में एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया. उन्होंने सेल की मनोहरपुर स्थित चिरिया लौह अयस्क खदान के पूर्ण संचालन की मांग की. जोबा माझी ने बताया कि धोबिल, मेकलोलेन, अजीताबुरु और सुकरी-लुटूरूबुरु जैसे क्षेत्रों में बहुत बड़े लौह अयस्क भंडार हैं, लेकिन वन स्वीकृति और अन्य वैधानिक मंजूरियों की कमी के कारण अधिकांश पट्टों में खनन शुरू नहीं हो पाया है.
पूर्ण संचालन से बढ़ेगा उत्पादन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास
चिरिया खदान के पूर्ण संचालन से देश में लौह अयस्क का उत्पादन बढ़ेगा, जिससे इस्पात उद्योग को नियमित रूप से कच्चे माल की आपूर्ति हो सकेगी और आयात पर निर्भरता कम होगी. इसके अलावा, स्थानीय और जनजातीय समुदायों के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और पश्चिमी सिंहभूम के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी.
केंद्र से त्वरित स्वीकृतियों और समयबद्ध कार्ययोजना की मांग
जोबा माझी ने केंद्र सरकार से मैनेजमेंट प्लान फॉर सस्टेनेबल माइनिंग की जल्दी समीक्षा करने और लंबित वन स्वीकृति और अन्य मंजूरियों का तेजी से निपटारा करने की मांग की. उन्होंने वर्ष 1980 से पहले प्रभावित क्षेत्रों में वैज्ञानिक खनन की अनुमति देने और एक समिति बनाकर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का भी आग्रह किया, ताकि चिरिया खदान के सभी पट्टों का जल्दी पूर्ण संचालन सुनिश्चित हो सके.