Seraikela: आदिवासी छात्र एकता के तत्वावधान में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित रीगल मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों को लेकर गुरुवार को सरायकेला परिसदन में प्रेस वार्ता कर कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की गई।
इतिहास, संस्कृति और अधिकारों पर रहेगा फोकस
संगठन के मुख्य संरक्षक जोसाई मार्डी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के इतिहास, संस्कृति, परंपरा, भाषा और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि समाज हमेशा अपनी पहचान, जल-जंगल-जमीन, शिक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक एकता को मजबूत करना और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
समसामयिक मुद्दों पर होगी चर्चा
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, अनुसूचित क्षेत्रों में संवैधानिक प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन, पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून, सीएनटी-एसपीटी अधिनियम, भूमि अधिकार और आदिवासी धर्म कोड समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही समाज से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति भी तय की जाएगी।
तैयारियां अंतिम चरण में
संगठन के संयोजक इंद्रर हेंब्रम ने बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ विभिन्न विषयों पर वक्ताओं के संबोधन भी होंगे। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की। प्रेस वार्ता में आदिवासी छात्र एकता के अध्यक्ष हेमेंद्र हांसदा सहित फागुराम हांसदा, अर्जुन सोरेन, रूपचांद मार्डी, नवीन मुर्मू, हरि मोहन टुडू, माटल हांसदा, काली कृष्णा माझी, सुरेश मुर्मू और साकला मार्डी उपस्थित रहे।